


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम ( Ratlam) शहर की तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार और भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए रतलाम में नया 132/33 केवी अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 100 करोड़ रुपए की लागत वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना से रतलाम शहर और आसपास के क्षेत्रों की आगामी 20 वर्षों तक की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। परियोजना का प्रस्ताव फिलहाल ऊर्जा विभाग में अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया में है।



यह सौगात सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप के विशेष प्रयासों से रतलाम की विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में मिल रही है। नए उपकेंद्र के शुरू होने से औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और रिहायशी इलाकों को भविष्य में पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।



43 साल पुराने उपकेंद्र पर बढ़ रहा दबाव

एमपीईबी के एसई मनोज शर्मा के अनुसार धानासुता रोड स्थित मौजूदा 132 केवी अति उच्चदाब उपकेंद्र करीब 43 वर्ष पुराना है। जब इस उपकेंद्र की स्थापना हुई थी, तब रतलाम शहर की आबादी लगभग 1.64 लाख थी, जो अब बढ़कर करीब 4 लाख तक पहुंच गई है। बढ़ती आबादी के साथ शहर में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का भी तेजी से विस्तार हुआ है। अल्कोहल प्लांट, नमकीन क्लस्टर और बिबड़ौद में विकसित हो रहे नए निवेश क्षेत्र के कारण बिजली की औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है।
भविष्य में 75 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत
बिजली विभाग के आकलन के अनुसार आने वाले वर्षों में रतलाम क्षेत्र में करीब 75 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता होगी। मौजूदा उपकेंद्र से भविष्य की इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करना संभव नहीं होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए नए 132/33 केवी अति उच्चदाब उपकेंद्र की योजना तैयार की गई है। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि रतलाम की बढ़ती आबादी और शहर के विकास को देखते हुए बिजली व्यवस्था को समय रहते मजबूत करना जरूरी है। नया सब स्टेशन स्थापित होने से आने वाले वर्षों में औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आवासीय क्षेत्रों को पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश के 9 जिलों की दौड़ में रतलाम का प्रस्ताव हुआ मजबूत
नए 132 केवी अति उच्चदाब उपकेंद्र की स्थापना के लिए प्रदेश के 9 जिलों के प्रस्तावों पर विचार किया गया था। इनमें से छह जिले प्रक्रिया में पीछे रह गए, जबकि रतलाम का प्रस्ताव मजबूती से आगे बढ़ा। जबलपुर स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठकों में बिजली कंपनी के अधिकारियों ने रतलाम जिले की आवश्यकता और भविष्य की बिजली मांग का विस्तृत पक्ष रखा। ईई शर्मा ने उपकेंद्र की जरूरत से जुड़े तकनीकी और विकास संबंधी बिंदुओं को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर ऊर्जा विभाग ने रतलाम के प्रस्ताव को आगे की प्रक्रिया के लिए शामिल कर लिया।
शहर के विकास को मिलेगी नई ऊर्जा
नया अति उच्चदाब उपकेंद्र केवल वर्तमान बिजली संकट से राहत देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रतलाम के भविष्य के विकास की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक निवेश, नए व्यावसायिक क्षेत्रों और बढ़ते आवासीय विस्तार के बीच यह परियोजना शहर की बिजली व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

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