

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर बड़े-बड़े दावे और जमीनी हकीकत में पेड़ों पर चलती आरी—रतलाम (Ratlam) में इसका एक और उदाहरण सामने आया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मैन ब्रांच परिसर में पेड़ों की छंटाई के नाम पर वर्षों पुराने हरे-भरे विशाल पेड़ों को तने तक काट दिया गया। मामला सामने आने के बाद रतलाम नगर निगम ने मौके का पंचनामा बनाकर बैंक पर 65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। हैरानी की बात यह है कि निगम के अनुसार जुर्माने की राशि अब तक जमा नहीं कराई गई है।
छंटाई की अनुमति, मौके पर पेड़ों का सफाया
जानकारी के अनुसार SBI की मैन ब्रांच प्रबंधन की ओर से रतलाम नगर निगम से परिसर में लगे पेड़ों की डालियों की छंटाई के लिए अनुमति मांगी गई थी। लेकिन आरोप है कि अनुमति की सीमा का पालन करने के बजाय परिसर में खड़े कई विशाल हरे पेड़ों को ही बेरहमी से काट दिया गया। मौके की तस्वीरें और वर्तमान स्थिति इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। जहां कभी घने और वर्षों पुराने पेड़ खड़े थे, वहां अब कई पेड़ों के केवल कटे हुए तने ही दिखाई दे रहे हैं। यानी जिस अनुमति का आधार पेड़ों की छंटाई बताया गया था, उसमें पेड़ों का अस्तित्व ही खत्म कर दिया गया।
गर्मी में राहगीरों को देते थे छांव, अब सिर्फ ठूंठ बाकी
क्षेत्र के रहवासियों के मुताबिक बैंक परिसर में काटे गए पेड़ वर्षों पुराने और विशाल आकार के थे। इन पेड़ों की वजह से आसपास का वातावरण हराभरा रहता था और गर्मी के दिनों में राहगीरों को भी राहत मिलती थी। रहवासियों का कहना है कि पेड़ों की डालियां काटने के बजाय उन्हें जड़ से खत्म कर दिया गया, जिससे पर्यावरण को सीधा नुकसान पहुंचा है।
निगम ने पंचनामा बनाया, 65 हजार का जुर्माना ठोंका
मामला सामने आने के बाद नगर निगम के उद्यान विभाग ने कार्रवाई करते हुए मौके का पंचनामा बनाया। निगम अधिकारी के अनुसार बैंक परिसर में अनुमति के विपरीत हरे पेड़ों की कटाई की गई है। इसी आधार पर बैंक पर 65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। हालांकि, निगम के मुताबिक नोटिस जारी होने के बावजूद बैंक की ओर से अभी तक जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई है। अब निगम ने आगे की कार्रवाई की बात कही है।
सवाल यह भी—किसके आदेश पर चली आरी?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर निगम से केवल पेड़ों की डालियों की छंटाई की अनुमति ली गई थी, तो वर्षों पुराने विशाल पेड़ों को काटने का निर्णय आखिर किसके निर्देश पर लिया गया? क्या बैंक प्रबंधन ने अनुमति की शर्तों की अनदेखी की? और यदि की, तो जिम्मेदारी तय करने में अब तक देरी क्यों? मामले में बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक रत्नेश सिंघाई की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वंदेमातरम् NEWS ने उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
पार्षद बोले—दोषी अधिकारियों पर वैधानिक कार्रवाई हो
क्षेत्रीय पार्षद योगेश पापटवाल ने कहा कि SBI की मैन ब्रांच परिसर में विशाल वृक्षों की अवैध कटाई का मामला उनके संज्ञान में आया है। वे बैंक के दोषी अधिकारियों के खिलाफ जुर्माने के साथ वैधानिक कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे, ताकि भविष्य में कोई अपने अधिकार का दुरुपयोग न कर सके।
उद्यान विभाग अधिकारी बोले—जुर्माना जमा नहीं हुआ, जल्द होगी कार्रवाई
रतलाम नगर निगम के उद्यान विभाग अधिकारी अनिल पारा ने बताया कि SBI परिसर में अनुमति के विपरीत विशाल हरे पेड़ों को काटा गया है। मौके पर पंचनामा बनाकर 65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उनके अनुसार अभी तक जुर्माने की राशि जमा नहीं हुई है और जल्द ही आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण के दावों पर फिर सवाल
एक ओर प्रधानमंत्री से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच वर्षों पुराने हरे पेड़ों के कटने का मामला सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पौधे लगाने की तस्वीरें खिंचवाने से ज्यादा जरूरी मौजूदा पेड़ों को बचाना है। SBI परिसर में हुई कथित अवैध कटाई के मामले में अब देखना यह है कि रतलाम नगर निगम केवल जुर्माने का नोटिस देकर रुकता है या पेड़ों की कटाई के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय करता है।
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