

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। फैक्टर-X डेफिशिएंसी जैसी दुर्लभ और गंभीर रक्तस्रवण संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए महंगे उपचार से राहत दिलाने की मांग उठी है। मरीजों और उनके परिवारों की आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए सरकार से आवश्यक दवाओं एवं Factor X replacement therapy को सरकारी अस्पतालों अथवा अधिकृत उपचार केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क या अत्यधिक रियायती दर पर उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
रक्त का थक्का बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है फैक्टर-X
Factor-X Deficiency एक दुर्लभ रक्तस्रवण विकार है, जिसमें शरीर में रक्त का थक्का बनाने के लिए आवश्यक Factor X की पर्याप्त मात्रा नहीं होती। इसके कारण मरीजों में सामान्य परिस्थितियों की तुलना में अधिक या लंबे समय तक रक्तस्राव होने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ मरीजों में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार Factor X replacement therapy की जरूरत पड़ती है। बीमारी दुर्लभ होने के कारण इसके मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम हो सकती है, लेकिन प्रत्येक मरीज के लिए समय पर सही उपचार और आवश्यक दवा की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है।
एक इंजेक्शन की कीमत लाखों के इलाज का कारण
मरीजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उपचार की अत्यधिक लागत है। Coagadex जैसे Factor X replacement injection की कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये प्रति इंजेक्शन तक बताई जाती है। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार कुछ मरीजों को महीने में एक से अधिक बार उपचार की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में उपचार का कुल खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। महंगे उपचार के कारण मध्यमवर्गीय और निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए नियमित इलाज जारी रखना बेहद मुश्किल हो जाता है। बीमारी के साथ आर्थिक संकट का सामना कर रहे परिवारों को सरकारी सहायता की तत्काल आवश्यकता है।
सरकार से विशेष सहायता योजना बनाने की मांग
हीमोफीलिया और अन्य दुर्लभ रक्तस्रवण संबंधी विकारों की तर्ज पर Factor-X Deficiency से पीड़ित मरीजों के लिए भी विशेष सहायता और उपचार व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है। प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार से अपील की गई है कि ऐसे मरीजों के लिए आवश्यक Factor X replacement medicines और injections की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इन्हें सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों अथवा अधिकृत उपचार केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क या अत्यधिक रियायती दर पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए।
CSR और सामाजिक संस्थाएं भी निभाएं जिम्मेदारी
दुर्लभ रक्तस्रवण संबंधी बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए कॉर्पोरेट कंपनियों के CSR विभागों, चैरिटेबल ट्रस्ट, सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवी संगठनों से भी आगे आने की अपील की गई है। महंगी दवाओं, इंजेक्शन और उपचार की व्यवस्था में आर्थिक सहयोग मिलने से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, CSR संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वित प्रयास की आवश्यकता है।
इलाज और आर्थिक मजबूरी के बीच चुनाव न करना पड़े
दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे किसी परिवार को केवल आर्थिक कठिनाई के कारण इलाज से वंचित न होना पड़े, इसके लिए प्रभावी स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था जरूरी है।Factor-X Deficiency सहित अन्य दुर्लभ रक्तस्रवण संबंधी बीमारियों के मरीजों के लिए दवाओं की उपलब्धता, उपचार की निरंतरता और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। — डॉ. भूमित रांका, रतलाम (Ratlam)
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