


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) के स्टेशन रोड थाने में पदस्थ रहे एसआई (SI) देवेंद्र सिंह सेंगर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शनि गली में बदमाश बाबर फिरदोस खान उर्फ पठान से जुड़े मामले में कथित लापरवाही, लाइन अटैच के आदेश का पालन नहीं करने और निलंबन के बाद बहाली को लेकर उठे सवालों के बीच अब एसआई सेंगर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। निलंबन के बाद बहाली की प्रक्रिया में एएसपी राकेश पंद्रो के रीडर की कथित भूमिका भी चर्चा में है।
लाइन अटैच के बाद भी थाने में डटा रहा सेंगर
जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में रतलाम (Ratlam) के शनि गली में हुई चाकूबाजी और बदमाश बाबर फिरदोस खान उर्फ पठान से जुड़े मामले में तत्कालीन एएसआई देवेंद्र सिंह सेंगर की भूमिका पर सवाल उठे थे। आरोप था कि बाबर के खिलाफ पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज होने और उसका नाम गुंडा सूची में शामिल होने के बावजूद उसके विरुद्ध प्रभावी निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई नहीं कर उसे संरक्षण दिया था, नतीजतन उसने बेखौफ वारदात को अंजाम दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमित कुमार ने सेंगर को लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए थे। सेंगर ने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया और थाने पर ही डटा रहा। इसी दौरान उसने एसआई (SI) पद पर पदोन्नति भी ग्रहण कर ली। बाद में आदेश की अवहेलना की जानकारी मिलने पर एसपी कुमार ने सेंगर को निलंबित कर दिया था। निलंबन से जुड़े मामले की जांच एएसपी राकेश पांद्रो को सौंपी थी।
निलंबन के बाद बहाली में रीडर की भूमिका पर सवाल
एसआई (SI) सेंगर के निलंबन के बाद उसकी बहाली को लेकर भी पुलिस महकमे में सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह सेंगर की बहाली के लिए जिले में पुलिस बल की कमी का हवाला दिया गया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया में एएसपी राकेश पांद्रो के रीडर की भूमिका संदिग्ध रही और कथित सांठगांठ के जरिए बहाली का आदेश जारी करवाया गया। अब एसपी अमित कुमार ने सेंगर के खिलाफ लंबित शिकायतों और वरिष्ठ अधिकारी के आदेश की अवहेलना के बिंदुओं पर विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
बाबर मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल
जुलाई के पहले सप्ताह में शनि गली में हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आने की जानकारी दी गई थी कि बाबर के खिलाफ पर्याप्त निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई नहीं होने से स्थिति गंभीर हुई। घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी के बावजूद फरियादी पर चाकू से हमला होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद मामला मीडिया में चर्चा का विषय बना और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
भ्रष्ट सिस्टम को बाबर ने किया चैलेंज
जेल में बंद बाबर का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें उसने पुलिस व्यवस्था को लेकर वीडियो के माध्यम से चैलेंज किया था। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग की छवि और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी आमजन में काफी चर्चा हुई।
नीमच में पदस्थापना के दौरान भी कई शिकायतें
एसआई (SI) देवेंद्र सिंह सेंगर की पूर्व पदस्थापना को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आने की बात कही जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नीमच में पदस्थ रहने के दौरान उनके खिलाफ कथित अवैध वसूली और एनडीपीएस से जुड़े मामलों में शिकायतें हुई थीं। वहीं, रतलाम के स्टेशन रोड थाने में मोचीपुरा और चिंगीपुरा जैसी बीट का प्रभारी रहने के दौरान भी उसकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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