


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। वोट चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता चरणजीत सिंह षापरा ने रविवार को रतलाम (Ratlam) प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय भाजपा के पक्ष में मतदाता सूची तैयार करने की कोशिश की जा रही है। इसी मुद्दे पर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “यह चुनाव आयोग नहीं, चूना आयोग है, जो देश की 140 करोड़ जनता को चूना लगा रहा है।”
षापरा ने दावा किया कि वोट चोरी का मुद्दा केवल एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा व्यापक सवाल है। उन्होंने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के बीच कथित सांठगांठ का आरोप लगाते हुए आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
‘स्पेशल इंटेंसिव रिगिंग’ का लगाया आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने एसआईआर प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिगिंग’ करार दिया। उनका आरोप था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम हटाने और भाजपा के अनुकूल सूची तैयार करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को संवैधानिक संस्था के रूप में निष्पक्षता से काम करना चाहिए, लेकिन विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
13 करोड़ 37 लाख से अधिक नाम हटाने का दावा
षापरा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ 37 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने निर्वाचन आयोग को ‘एलिमिनेशन कमीशन’ बताते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, पत्रकार वार्ता में प्रस्तुत इन आंकड़ों और आरोपों के समर्थन में विस्तृत दस्तावेजों का उल्लेख नहीं किया गया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठने वाली आपत्तियां अब केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न पूर्व अधिकारियों और अन्य लोगों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं। षापरा ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में मताधिकार प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण अधिकार है और इसकी रक्षा करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ से जनता को जोड़ेंगे
षापरा ने कहा कि कांग्रेस ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के माध्यम से जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करेगी। पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और कथित वोट चोरी के आरोपों की जानकारी देंगे।उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटने की प्रक्रिया नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।
1 नवंबर को दिल्ली में विशाल रैली, 26 नवंबर को संविधान बचाओ अभियान
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर देशभर में ‘संविधान बचाओ’ रैलियां निकालने की योजना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन कार्यक्रमों के माध्यम से मताधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएगी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के कई नेता रहे मौजूद
रतलाम प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस सचिव राजा चौकसे, जिला प्रभारी दिलीप गुर्जर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत, कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला, लक्ष्मणसिंह डिंडौर और रतलाम शहर कांग्रेस अध्यक्ष सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


