


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) शहर के सेजावता-बंजली बायपास मार्ग स्थित रेलवे क्रॉसिंग एलसी गेट नंबर 190 पर गुरुवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। बंद होते रेलवे फाटक के बीच पटरी पर फंसी एक कार को रतलाम से चित्तौड़गढ़ की ओर जा रही ट्रेन ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रेन कार को करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। गनीमत रही कि ट्रेन की गति धीमी होने और लोको पायलट की सूझबूझ से कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों के सामने गेटमैन के कथित तौर पर नशे में होने का मामला सामने आया। कार सवार ने गेटमैन पर नशे की हालत में होने और बार-बार कहने के बावजूद फाटक नहीं खोलने का आरोप लगाया। वहीं, केबिन में बीयर की कैन और डिस्पोजल गिलास मिलने की बात भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अश्वनी कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।
प्री-वेडिंग में शामिल होने जा रहे थे कार सवार
जानकारी के अनुसार, गुजरात पासिंग कार क्रमांक GJ 15 CK 0369 में रतलाम जिले के ताल निवासी प्रणव उपाध्याय सवार थे। वह अपने भाई की प्री-वेडिंग के सिलसिले में रतलाम की वेदव्यास कॉलोनी स्थित अपने नानाजी के घर आ रहे थे। इसी दौरान वह रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे। प्रणव के अनुसार, वह फाटक के अंदर कार लेकर पहुंच चुके थे, तभी अचानक फाटक बंद हो गया और उनकी कार रेलवे ट्रैक के बीच फंस गई। इसी दौरान दो बाइक सवार भी फाटक के अंदर फंस गए।
गेट खोलने की लगाते रहे गुहार
कार सवार प्रणव उपाध्याय का आरोप है कि उन्होंने गेटमैन से फाटक खोलने की गुहार लगाई, लेकिन फाटक नहीं खोला गया। उनके मुताबिक, गेटमैन बार-बार कहता रहा कि ट्रेन पीछे वाली पटरी पर नहीं, आगे वाली पटरी पर आएगी। आरोप है कि उसे इस बात का भी ठीक से अंदाजा नहीं था कि कार ट्रैक के बीच खड़ी है। ट्रेन आने का खतरा महसूस होते ही प्रणव कार से दूर भाग गए। कुछ ही देर बाद ट्रेन वहां पहुंची और कार को टक्कर मार दी। इस घटनाक्रम ने रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केबिन में बीयर की कैन और डिस्पोजल गिलास का दावा
प्रणव उपाध्याय के अनुसार, घटना के बाद रेलवे केबिन में बीयर की तीन से चार कैन, शराब की बोतलें और डिस्पोजल गिलास मिले। उन्होंने दावा किया कि गेटमैन नशे की हालत में था और उससे बात करने पर वह ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा था। प्रणव ने कथित तौर पर गेटमैन के नशे में होने से संबंधित वीडियो बनाए जाने की बात भी कही है। हालांकि, गेटमैन के नशे में होने और केबिन में मिली सामग्री से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रणव ने यह भी बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उनकी कार में लैपटॉप व मोबाइल फोन रखे थे। उनके मुताबिक, घटना के बाद कार के अंदर पर्स नहीं मिला।
लोको पायलट ने हॉर्न बजाकर धीमी की ट्रेन की रफ्तार
यह घटना गुरुवार रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। रतलाम स्टेशन से वलसाड-हिसार ट्रेन संख्या 04728 चित्तौड़गढ़ की ओर रवाना हुई थी। रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैक के बीच कार खड़ी देखकर लोको पायलट ने कई बार हॉर्न बजाया और ट्रेन की गति धीमी कर दी। इसके बावजूद ट्रेन कार से टकरा गई और उसे करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। स्थिति को भांपते हुए लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी, जिससे संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद मिली।
रेस्क्यू टीम, RPF और पुलिस मौके पर पहुंची
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे में अलर्ट जारी हुआ और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। डीआरएम अश्वनी कुमार सहित रेलवे अधिकारी, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रतलाम पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को ट्रैक से हटाया गया। इसके बाद रेलवे ट्रैक को क्लियर कर ट्रेन को आगे रवाना किया गया। देर रात तक रेलवे अधिकारी और सुरक्षा बल मामले की जांच में जुटे रहे। गेटमैन को भी अधिकारियों ने मौके पर बैठा रखा था।
DRM बोले – जांच के बाद होगी कार्रवाई
डीआरएम अश्वनी कुमार ने घटना के संबंध में बताया कि फाटक बंद हो रहा था, उसी दौरान एक कार तेज गति से अंदर आ गई और फाटक के भीतर फंस गई। तब तक सिग्नल और गेट सिग्नल भी लोअर हो चुका था। इसी दौरान रतलाम से आ रही ट्रेन कार से टकरा गई। उन्होंने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और कुछ देर बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। गेटमैन के नशे में होने और केबिन में शराब की सामग्री मिलने के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। क्या परिस्थितियां थीं और घटना कैसे हुई, इसकी पड़ताल के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सतर्कता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर रेलवे प्रबंधन का कहना है कि कार तेज गति से बंद होते फाटक के भीतर पहुंची, वहीं कार सवार ने गेटमैन पर लापरवाही और नशे में होने के आरोप लगाए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि कार फाटक के भीतर कैसे फंसी, गेटमैन की भूमिका क्या रही और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी थी।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


