महालक्ष्मी मेरी मदद करों, 21 दिन में 50 लाख और कोई काम दे देना……आखिर किसने किस तरह मांगी मदद

महालक्ष्मी मेरी मदद करों, 21 दिन में 50 लाख और कोई काम दे देना……आखिर किसने किस तरह मांगी मदद

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
मध्यप्रदेश के रतलाम में प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर का दान पात्र दो साल बाद मंगलवार को खुला। सुबह 11.50 बजे नाजिर ईश्वर खराड़ी के निर्देशन में करीब 10 पटवारियों ने दान में आए नोटों की गिनती शुरू की। नोटों के साथ ही एक चांदी का पायजेब भी दान पात्र से निकला है। इसके साथ ही एक लेटर भी मिला है जिसमे एक व्यक्ति ने अपनी हालात खराब बताते हुए लिखा है कि है महालक्ष्मी मेरे पर कृपा करों। पैसे की बहुत कमी है 21 दिन में 50 लाख दे देना। साथ ही भी लिखा है कोई काम दे देना।

बता दे कि शहर के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर का दान पात्र 18 अक्टूबर 2019 को खोला गया था। इसके बाद आज तक दान पात्र नहीं खोला गया। आगामी माह में दीपावली का पर्व है। ऐसे में मंदिर को इस बार भी नोटों से सजाया जाएगा। दो साल से दान पात्र नहीं खुलने पर वन्देमातरम् न्यूज ने 21 अक्टूम्बर को खबर प्रकाशित की थी।

महालक्ष्मी मंदिर में दान राशि को गिनते हुए।

10 पटवारी कर रहे नोटों की गिनती
दान पात्र में से निकली राशि को अलग – अलग कर जमाया जा रहा है। 5 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नोट के साथ काफी मात्रा में चिल्लर भी निकली है। राशि की गिनती 10 पटवारी कर रहे है। जिनमे लक्ष्मी नारायण पाटीदार, विकास व्यास, गिरीश शर्मा, दीपक शिंदे, वर्षा सारस्वत, सारिका वर्मा, अनु प्रिया, गुप्ता सुष्मिता, ठाकुर अंजली श्रीवास्तव शामिल है। समाचार लिखे जाने तक नोटों की गिनती जारी है।

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