


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) के न्यू क्लॉथ मार्केट स्थित रूपवर्षा (Roopvarsha) के मालिक मणीलाल पिता शांतिलाल गांधी का नाम एक बार फिर जमीन से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में है। जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत के बीच वर्ष 2019 में दर्ज एक पुराना आपराधिक प्रकरण भी सामने आया है। इस मामले में मणीलाल गांधी, उनके भाई सुनील गांधी और अनिल गांधी सहित अन्य महिला आरोपियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराने और धोखाधड़ी के आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि, सात साल पुराने प्रकरण के तथ्य एक बार फिर जमीन के दस्तावेजों की प्रमाणिकता और राजस्व अभिलेखों में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
मृत पटवारी के नक्शे में कथित हेरफेर का आरोप
रतलाम (Ratlam) के स्टेशन रोड थाने में 5 अक्टूबर 2019 को दर्ज एफआईआर के अनुसार, मामले के फरियादी इरफान पिता रईस मोहम्मद अंसारी, निवासी मोमिनपुरा और वर्तमान निवासी समता नगर, ने सालाखेड़ी क्षेत्र स्थित अपनी जमीन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सर्वे क्रमांक 24/1 की 0.110 हेक्टेयर भूमि उन्होंने अपने छोटे भाई शाहनवाज के साथ वर्ष 2018 में मुस्तफा रायपुरियावाला और अब्दुल कादर से खरीदी थी। फरियादी का आरोप था कि सकीना पिता शब्बीर हुसैन, रावाबाई पति स्वर्गीय शब्बीर हुसैन और संतोषकुमार पिता कनकमल खिमेसरा, निवासी लक्कड़पीठा, सहित अन्य लोगों ने कथित तौर पर आपसी सांठगांठ कर उक्त भूमि को अपने दस्तावेजों में दर्शाने और अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी की। शिकायत में जमीन के नक्शे में कथित बदलाव और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का भी उल्लेख किया गया था। आरोप था कि पटवारी नाथूलाल मालवीय के नाम से जारी पुराने नक्शे में कथित हेरफेर कर उसे रजिस्ट्री के दस्तावेजों में उपयोग किया गया। शिकायत के अनुसार, संबंधित पटवारी की मृत्यु के बाद नक्शे में बदलाव किए जाने की बात भी सामने आई थी।
सर्वे क्रमांक 24/6 और 24/1 के बीच जमीन का विवाद
रतलाम (Ratlam) पुलिस की ओर से जमानत प्रकरण के दौरान न्यायालय में दर्ज आपत्ति के अनुसार, आरोपियों पर सालाखेड़ी क्षेत्र की सर्वे क्रमांक 24/6 की भूमि से संबंधित दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर सर्वे क्रमांक 24/1 की जमीन को लेकर अनुचित लाभ प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस का आरोप था कि कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया कराई गई और उस पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। इसी मामले में मणीलाल गांधी, उनके भाई सुनील गांधी और अनिल गांधी सहित अन्य महिला आरोपियों के नाम सामने आए थे। इस प्रकरण में रतलाम (Ratlam) के स्टेशन रोड पुलिस ने तत्कालीन एसपी गौरव तिवारी के निर्देश पर 5 अक्टूबर 2019 को मामला दर्ज किया था।
सात साल पुराना मामला, अब नई शिकायत से फिर चर्चा
वर्तमान में जमीन पर कथित कब्जे को लेकर सामने आई नई शिकायत के संदर्भ में वर्ष 2019 का यह मामला फिर चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, हालिया शिकायत में भी संबंधित भूमि पर कब्जे को लेकर आशंका जताई है और रतलाम एसपी अमित कुमार से शिकायत कर कई गंभीर आरोप लगाए है।
जांच और न्यायालयीन फैसले पर टिकी निगाहें
जमीन संबंधी विवादों में दस्तावेजों, नक्शों, नामांतरण अभिलेखों और रजिस्ट्री की प्रमाणिकता महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में राजस्व रिकॉर्ड और पंजीयन संबंधी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब देखना होगा कि वर्तमान शिकायत की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सात साल पुराने प्रकरण में न्यायालय क्या निर्णय देता है।
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