कालिका माता मंदिर में आस्था से खिलवाड़ : चादर से ढंका दानपात्र, VIP दर्शन के नाम पर अवैध वसूली, प्रशासन मौन

कालिका माता मंदिर में आस्था से खिलवाड़ : चादर से ढंका दानपात्र, VIP दर्शन के नाम पर अवैध वसूली, प्रशासन मौन

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– आम श्रद्धालुजनों से मंदिर परिसर में बाहरी तत्व कर रहे अभ्रदता, धोती कुर्ता पहनकर घूमने वाले युवकों से श्रद्धालु हो रहे भ्रमित 

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम स्थित प्रदेश के प्रतिष्ठित शक्तिपीठ श्री कालिका माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर भी व्यवस्थाओं की आड़ में खुली लूट और आस्था का व्यापार जारी है। मंदिर के पुजारी प्रकाश और उनके द्वारा तैनात बाहरी तत्वों द्वारा न केवल VIP दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की जा रही है, बल्कि सरकारी दानपात्र को रेशमी चादर से ढांक कर दक्षिणा सीधे थालियों में बंटोरी जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि समूचे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन पूरी तरह मौन है, जिससे पुजारी की मनमानी को अप्रत्यक्ष समर्थन मिलने जैसे हालात बन रहे हैं।

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VIP दर्शन का खेल, आम भक्तों की बेइज्जती 

मंदिर में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। लेकिन इन कतारों को दरकिनार कर रसूखदारों को सीधे गर्भगृह तक पहुंचाने का ‘गुप्त रास्ता’ बाहरी लड़कों के माध्यम से खोला गया है, जो भक्तों से सीधे नगद लेकर गर्भगृह दर्शन करवा रहे हैं। ये युवक धोती-कुर्ता पहनकर खुद को पुजारी बताकर भक्तों को भ्रमित भी कर रहे हैं।

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दिव्यांग बालक को रोका, व्यापारी को VIP सेवा

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महाअष्टमी की रात एक महिला अपने दिव्यांग पुत्र को दर्शन कराने लाई, लेकिन कतार में काफी देर खड़े रहने के बावजूद जब वह थक गई और उसे गोद में लेकर VIP दर्शन स्थल पर पहुंची, तो पुजारी के बाहरी गुर्गों ने उन्हें अपमानित कर भगा दिया। कुछ ही देर बाद एक स्थानीय व्यापारी को मोबाइल पर पुजारी से बातचीत के बाद सीधे गर्भगृह में ले जाया गया।

दानपात्र को चादर से ढांका, दक्षिणा हुई निजी संपत्ति 

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सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है मंदिर का सरकारी दानपात्र, जिसे जानबूझकर रेशमी चादर से ढांक दिया गया है। उसके ऊपर थालियां रखी गई हैं, जिनमें श्रद्धालुओं द्वारा दी जा रही दक्षिणा सीधे पुजारी और उसके साथियों की जेब में जा रही है। यह सीधा-सीधा सरकारी संपत्ति में हेराफेरी और अमानत में खयानत का मामला बनता है।

पूर्व में महालक्ष्मी मंदिर में हुआ था विरोध

यह पहला मामला नहीं है। पूर्व में दीपावली पर्व पर रतलाम के ही श्री महालक्ष्मी मंदिर में इसी तरह दानपात्र की अनदेखी, दक्षिणा की बंदरबांट और बाहरी तत्वों की घुसपैठ को लेकर समाजजन सड़कों पर उतर आए थे। वही चेहरे अब श्री कालिका माता मंदिर में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी बनी सबसे बड़ा सवाल 

पूरे मामले में जिला प्रशासन की चुप्पी सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गई है। शासन के अधीन चल रहे मंदिर में हो रही इस मनमानी पर किसी तरह की जांच या कार्रवाई का न होना, कहीं न कहीं इस अव्यवस्था की अनदेखी या मौन स्वीकृति की ओर इशारा करता है। मामले में रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम से संपर्क किया लेकिन उनके द्वारा मोबाइल रिसीव नहीं किया गया। इधर पुजारी प्रकाश ने वंदेमातरम् न्यूज से चर्चा कर बताया कि मैं और परिवार के लोग ही माताजी की सेवा कर रहे हैं। बाहरी तत्वों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है।

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Aseem Raj Pandey
Aseem Raj Pandeyhttp://www.vandematramnews.com
वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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1 COMMENT

  1. जय माता दी

    झूठी खबरें फेलाने से और जनता को झूठ का कपड़ा उड़ाने से सच्चई चुप नहीं जाती, मेरा सरकार से अनुरोध है कि जो भी झूठे अरोप पूजनीय पंडित श्री प्रकाश जी पुजारी एवं उनके सुपुत्र आकाश प्रकाश पुजारी पर लागयी जा रहे हैं ओनपर थोस से थोस करेवाही की जाये। जिस दान पत्र को ढकने की बात कही जा रही है वो दान पत्र नहीं बल्कि एक सामान्य सी टेबल है, तथा वह दान पात्र मंदिर के अंदरोनी काउंटर का हिसा था जिसे नवरात्रि आने पर सभी अन्य समानो के साथ बाहर रखा गया, एवं सभी लोग जो अंदर से दर्शन करने जा रहे हैं वह सेवक और उनके परिवार के लोग हैं, इस बीच कोई पैसे का लेन देन नहीं है

    और जानकारी पाने के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं
    9839202267

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