


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिला सर्किल जेल में फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश करने के मामले में उपचाररत डबल मर्डर के विचाराधीन बंदी राहुल जाट (35), पिता शंकरलाल जाट, को इंदौर के एमवाय अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। तबीयत में सुधार के बाद उसे वापस रतलाम जिला सर्किल जेल भेज दिया गया है। इस बीच, घटना के मामले में पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रतलाम एसपी अमित कुमार ने प्रकरण की जांच फाइल तलब कर मामले में संज्ञान लिया है।
वहीं, राहुल जाट से जुड़े एक अन्य विवाद में महिला अधिवक्ता ने अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और रतलाम एसपी अमित कुमार को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिला सर्किल जेल में हुई घटना, उपचार के दौरान सामने आए सवाल, एफआईआर की स्थिति और महिला अधिवक्ता की सुरक्षा संबंधी शिकायत—इन सभी बिंदुओं पर अब पुलिस की जांच अहम मानी जा रही है। एसपी द्वारा फाइल तलब किए जाने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
सात दिन पहले जेल में हुई थी घटना
बता दें कि 14 अक्टूबर 2026 की शाम जिला सर्किल जेल में बंद विचाराधीन आरोपी राहुल जाट ने कथित तौर पर फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी। घटना के बाद उसे पहले जिला अस्पताल और फिर रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बेहतर उपचार और एंडोस्कोपी जांच के लिए उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया था। एमवाय अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद राहुल को वापस जिला सर्किल जेल भेज दिया गया है। जेल प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में उसकी तबीयत ठीक है।
आठ गंभीर मामलों में नामजद राहुल जाट
आरोपी राहुल जाट डबल मर्डर सहित आठ गंभीर आपराधिक प्रकरणों में नामजद है। जेल में फिनाइल पीने की घटना के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में पुलिस को प्रतिवेदन भेजे जाने की बात कही गई है। हालांकि, जेलर के अनुसार, उन्हें अब तक एफआईआर की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। दूसरी ओर, एसपी अमित कुमार ने मामले से संबंधित शिकायत और जांच की स्थिति की जानकारी लेते हुए फाइल तलब की है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एमवाय में एंडोस्कोपी को लेकर भी उठे सवाल
इस मामले में उपचार को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक राहुल जाट को रतलाम मेडिकल कॉलेज से एंडोस्कोपी सहित बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया था। महिला अधिवक्ता की ओर से उठाए गए मुद्दों के बीच इस बात पर भी चर्चा है कि इंदौर में उसकी एंडोस्कोपी जांच नहीं की गई। हालांकि, अस्पताल में जांच नहीं किए जाने के कारणों और संबंधित चिकित्सकीय निर्णय के बारे में अब भी सवाल बरकरार है।
12 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़े विवाद का भी उल्लेख
महिला अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में राहुल जाट के परिजनों के साथ 12 लाख रुपये के आर्थिक लेन-देन से जुड़े विवाद का प्रमुखता से उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि इस विवाद के चलते दबाव बनाने के उद्देश्य से घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका है। उन्होंने रतलाम जिला जेल प्रशासन द्वारा उनके नाम के कथित दुरुपयोग से संबंधित शिकायत भी उठाई है। महिला अधिवक्ता ने पुलिस मुख्यालय और रतलाम एसपी को दिए आवेदन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन करने और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने खुद और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
जेल प्रशासन और पुलिस का यह है कहना
1) इंदौर एमवाय अस्पताल से विचाराधीन बंदी राहुल जाट डिस्चार्ज हो चुका है। वर्तमान में वह जिला सर्किल जेल में है और उसकी तबीयत अच्छी है। उक्त घटना के संबंध में पुलिस को प्रतिवेदन भेजा जा चुका है। एफआईआर की प्रति अभी हमें प्राप्त नहीं हुई है। – ब्रजेश मकवाना, जेलर, जिला सर्किल जेल (रतलाम – मध्यप्रदेश)
2) जेल में फिनाइल पीने के मामले में एक आवेदन प्राप्त हुआ है। राहुल जाट के खिलाफ महिला अधिवक्ता की ओर से भी शिकायत भेजी गई है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। विवेचना के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। – अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, (रतलाम – मध्य प्रदेश)
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