Ratlam : जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर राहुल जाट के कारनामे, मोबाइल से धमकी, हत्या की साजिश और कसरत के वायरल वीडियो ने खोली पोल

- महिला अधिवक्ता को लेकर जेल प्रशासन के बयान पर भी उठे सवाल, नाकामी से ध्यान हटाने की क्यों की कोशिश?

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Ratlam District Jail Administration

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। बहुचर्चित डबल मर्डर मामले में रतलाम जिला जेल (Ratlam District Jail) में बंद हिस्ट्रीशीटर राहुल जाट के फिनाइल पीने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। जेल में बंद रहते हुए गंभीर अपराधों की साजिश रचने, मोबाइल से धमकी देने के आरोप और जावरा उपजेल में कसरत करते उसके सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बंदियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, ताजा घटनाक्रम में महिला अधिवक्ता को लेकर रतलाम जेल प्रशासन (Ratlam District Jail) के बयान ने भी विवाद को नया मोड़ दे दिया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि बंदियों की निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले जेल प्रशासन ने अपनी व्यवस्था की खामियों पर स्पष्ट जवाब देने के बजाय महिला अधिवक्ता को लेकर बयान क्यों दिया? क्या इस बयान से प्रशासन अपनी नाकामी से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है? हालांकि, इसे साजिश करार देने से पहले बयान के तथ्यों और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

जेल में कसरत करता राहुल का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

हिस्ट्रीशीटर राहुल जाट के खिलाफ गंभीर अपराधों में कुल 8 प्रकरण दर्ज हैं। जावरा उपजेल में बंद रहने के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में वह जेल परिसर में रसोई सामग्री रखने वाले बैरक में तेल की केन उठाकर कसरत करता दिखाई देता है। एक अन्य दृश्य में वह टीवी के सामने संगीत की धुन पर कसरत करता नजर आता है। वीडियो ने जेल के भीतर बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं, निगरानी व्यवस्था और परिसर में मोबाइल से वीडियो बनाए जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। वीडियो की रिकॉर्डिंग किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। वीडियो वंदेमातरम् न्यूज के पास भी उपलब्ध है।

जेल में रहते हत्या की साजिश रचने का आरोप

राहुल जाट का आपराधिक घटनाक्रम भी जेल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। दिसंबर 2020 में सैलाना बायपास स्थित मधुवन ढाबे पर विवाद के बाद ढाबा संचालक भेरूलाल शुक्ला और उनके करीबी विशाल पड़ियार पर हमले की घटनाएं सामने आई थीं। आरोप है कि सैलाना उपजेल में बंद रहने के दौरान राहुल ने अपने साथियों के साथ ढाबा संचालक के छोटे भाई कैलाश शुक्ला की हत्या का षडयंत्र रचा था। मार्च 2021 में कान्हा उर्फ जितेंद्र जाट अपने साथियों के साथ ढाबे पर पहुंचा और कैलाश की जगह वहां काम कर रहे कर्मचारी पर गोली चला दी। कर्मचारी बाल-बाल बचा। इस घटनाक्रम ने सवाल उठाया था कि जेल में बंद आरोपी बाहरी साथियों के संपर्क में कैसे था और जेल के भीतर से आपराधिक साजिश बनाने की गतिविधियों पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग सकी?

जेल से मोबाइल पर महिला को धमकी देने का भी आरोप

मई 2026 में जावरा उपजेल में बंद राहुल जाट पर बदनावर निवासी शारदा बाई नट को मोबाइल फोन के जरिए जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था। मामला जमीन विवाद से जुड़ा था। आरोप के अनुसार, राहुल ने अपनी बहन और एक अन्य साथी के माध्यम से कॉन्फ्रेंस कॉल कर महिला को धमकाया था। यदि जेल परिसर से मोबाइल के जरिए धमकी देने की पुष्टि हुई थी, तो यह भी जांच का विषय है कि प्रतिबंधित फोन जेल के भीतर कैसे पहुंचा और संबंधित अधिकारियों ने अब तक क्या कार्रवाई की।

फिनाइल पीने की घटना ने फिर खोली निगरानी की पोल

हाल ही में रतलाम जिला जेल (Ratlam District Jail) में सफाई के दौरान राहुल जाट द्वारा फिनाइल पीने की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि उसने सफाई में इस्तेमाल होने वाला फिनाइल छीनकर पी लिया। इस घटना के बाद बंदियों की निगरानी और खतरनाक पदार्थों को उनकी पहुंच से दूर रखने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जिस बंदी से जुड़े पुराने मामलों में जेल के भीतर से कथित धमकी और आपराधिक साजिश के आरोप सामने आ चुके हों, उसकी गतिविधियों की निगरानी कितनी प्रभावी थी? सफाई के दौरान फिनाइल बंदी तक कैसे पहुंचा? क्या उस समय पर्याप्त कर्मचारी तैनात थे?

महिला अधिवक्ता पर बयान देकर क्यों छिपा रहे नाकामी?

इस पूरे मामले में महिला अधिवक्ता को लेकर जिला जेल प्रशासन के बयान ने एक और सवाल खड़ा कर दिया है। जब घटना जेल के भीतर हुई और बंदी की सुरक्षा तथा निगरानी की जिम्मेदारी रतलाम जेल प्रशासन (Ratlam District Jail) की है, तो सबसे पहले घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। महिला अधिवक्ता को लेकर दिए गए बयान के पीछे की परिस्थितियों और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। लेकिन यदि बयान के जरिए मूल सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश की गई है, तो यह भी जांच के दायरे में आना चाहिए। रतलाम जिला जेल (Ratlam District Jail) प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि फिनाइल बंदी तक कैसे पहुंचा, निगरानी में कहां चूक हुई और वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों के संबंध में पहले क्या कार्रवाई की गई।

पूरे मामले में जिम्मेदारों का क्या कहना 

1) मैं अभी बाहर ड्यूटी पर हूं

वर्तमान में मेरी ड्यूटी जेल प्रहरी भर्ती में लगी हुई है। इस कारण से मैं बाहर हूं। मामला संज्ञान में आया है। आरोपी राहुल जाट को सुविधा देने का आरोप गलत है। ज्यादा जानकारी आपको जेलर बता सकते हैं। – लक्ष्मण सिंह भदौरिया – जेल अधीक्षक – जिला जेल रतलाम (मध्य प्रदेश)

2) इंडोस्कोपी की नहीं जरूरत

विचाराधीन बंदी राहुल जाट की तबीयत में काफी सुधार है। इंदौर एमवायएच में डॉक्टरों ने इंडोस्कोपी की जरूरत नहीं बताई हैं। घटना के जांच के संबंध में जेल प्रशासन ने पुलिस को पत्र लिखा है, जिसमें पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी। – बृजेश मकवाना – जेलर (जिला जेल रतलाम – मध्य प्रदेश)

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Aseem Raj Pandey
Aseem Raj Pandeyhttp://www.vandematramnews.com
वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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