
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के ग्राम देथला में खसरा (मीजल्स) से 9 वर्षीय बालिका की मौत ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही को उजागर कर दिया है। बालिका पिछले करीब तीन सप्ताह से बीमार थी और हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, कविता (9), पिता प्रकाश मईडा, की तबीयत 12 मार्च को अचानक बिगड़ गई थी। परिजन उसे पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन जब उसे लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि करीब 20 दिन पहले कविता को बुखार आया था। इसी दौरान उसके माता-पिता मजदूरी के लिए राजस्थान चले गए थे। घर पर दादी और अन्य बच्चे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे के दौरान उसे दवाइयां दी थीं, जिससे कुछ समय के लिए उसकी तबीयत में सुधार हुआ। बाद में उसे खसरे के लक्षण उभर आए। रावटी स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक मेहता के अनुसार, 9 मार्च को सर्वे के दौरान टीम बच्ची के घर पहुंची थी। उस समय उसे बुखार था और प्राथमिक उपचार के साथ उसे स्वास्थ्य केंद्र लाने की सलाह दी गई थी। वहीं, Ratlam प्रभारी सीएमएचओ डॉ. एपी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में बालिका मीजल्स पॉजिटिव पाई गई है। मामले की विस्तृत जांच के लिए डेथ ऑडिट कराया जाएगा, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके।
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