
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) जिला मुख्यालय के कस्तूरबा नगर की गली नंबर-7 में प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य को लेकर रहवासियों और नगर निगम के बीच विवाद गहराता जा रहा है। क्षेत्र के प्रभावित रहवासियों ने आरोप लगाया है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) द्वारा स्वीकृत 60 फीट चौड़े मार्ग के स्वरूप में मनमाने ढंग से बदलाव करते हुए सड़क के मध्य लगभग 15 फीट चौड़ा डिवाइडर एवं गार्डन विकसित किया जा रहा है, जिससे वास्तविक सड़क की उपयोगी चौड़ाई काफी कम हो जाएगी।
मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। हाईकोर्ट इंदौर में दायर याचिका में पारित आदेश के बाद रतलाम निगम आयुक्त अनिल भाना ने संबंधित पक्षों की सुनवाई के लिए 5 जून 2026 को बुलाया है। रहवासियों द्वारा प्रस्तुत शिकायत में बताया गया है कि संबंधित मार्ग को मूल रूप से टीएनसीपी द्वारा 60 फीट चौड़े सार्वजनिक मार्ग के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके बावजूद वर्तमान निर्माण योजना में सड़क के एक हिस्से को लगभग 20 फीट चौड़ा तथा दूसरे हिस्से में 20 फीट चौड़े डिवाइडर के साथ अलग स्वरूप में विकसित किया जा रहा है।

नियम वीपरित निर्माण से पनपा आक्रोश
रहवासियों का कहना है कि स्वीकृत लेआउट में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और विधिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि सड़क की चौड़ाई और स्वरूप में परिवर्तन किस आदेश और तकनीकी स्वीकृति के आधार पर किया जा रहा है।
आंतरिक मार्ग पर 15 फीट का डिवाइडर क्यों ?
शिकायत पत्र में कहा गया है कि विवादित मार्ग लगभग 300 फीट लंबा है और यह कॉलोनी का मुख्य तथा एकमात्र आवागमन मार्ग है। मार्ग के दोनों छोर डेड एंड स्थिति में हैं, इसलिए सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम होने से भविष्य में यातायात बाधित होने, आपातकालीन सेवाओं के संचालन में कठिनाई तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। रहवासियों का आरोप है कि सीमित लंबाई और आंतरिक मार्ग पर 15 फीट चौड़ा डिवाइडर या गार्डन बनाना तकनीकी दृष्टि से भी उचित नहीं है।
सुनवाई नहीं होने पर भी उठाए सवाल
क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के स्वरूप में किए जा रहे बदलाव को लेकर न तो कोई सार्वजनिक सूचना जारी की गई और न ही स्थानीय रहवासियों से सुझाव या आपत्तियां आमंत्रित की गईं। उनका कहना है कि बिना प्रभावित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिए इस प्रकार का निर्माण कार्य प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
500 से 700 पेड़ों पर संकट की आशंका
रहवासियों का दावा है कि प्रस्तावित डिवाइडर क्षेत्र में लगभग 500 से 700 वृक्ष मौजूद हैं, जिनके निर्माण कार्य के कारण प्रभावित होने या काटे जाने की संभावना है। उन्होंने मांग की है कि किसी भी प्रकार की वृक्ष कटाई से पहले वैधानिक अनुमति, पर्यावरणीय मूल्यांकन और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
हाईकोर्ट आदेश के बाद कल करेगी निगम सुनवाई
रतलाम निगम के अनुसार मामले में अब हाईकोर्ट के आदेश के पालन में सड़क निर्माण संबंधी शिकायत पर सुनवाई 5 जून 2026 (शुक्रवार) को सुबह 11 बजे करने का निर्णय लिया है मामले में सुनवाई के लिए सूचना पत्र भी जारी किया गया है।
कस्तूरबा नगर रहवासियों की प्रमुख मांगें
– नियम विपरीत सड़क निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
– मूल स्वीकृत टीएनसीपी लेआउट और वर्तमान निर्माण योजना की जांच कराई जाए।
– 15 फीट चौड़े प्रस्तावित डिवाइडर/गार्डन की वैधानिकता और आवश्यकता की जांच हो।
– बिना अनुमति किसी भी वृक्ष की कटाई पर रोक लगाई जाए।
– प्रभावित रहवासियों को सुनवाई का अवसर दिया जाए।
– यदि निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत पाया जाए तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
– निर्माण कार्य केवल स्वीकृत लेआउट और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कराया जाए।
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