
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) में निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता का मामला सामने आया है। गांधीनगर क्षेत्र स्थित एक ही भवन में सेंट स्टीफन स्कूल, सेंट जेवियर्स स्कूल और सेंट स्टीफन बीएड कॉलेज के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि संस्थान में शिक्षा विभाग, Ratlam नगर निगम और एनसीटीई (NCTE) के कई नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित होकर रह गई है।
मामले में उच्च स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने जांच कर संस्थान प्रबंधन को नोटिस तो थमा दिया, लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक भवन में दो स्कूल और कॉलेज संचालन
शिकायत के अनुसार गांधीनगर स्थित चार मंजिला भवन में सेंट स्टीफन स्कूल और सेंट जेवियर्स स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इसी परिसर में समय-समय पर सेंट स्टीफन बीएड कॉलेज की कक्षाएं भी संचालित होने का आरोप है। जबकि कॉलेज का अधिकृत पता (श्रम शिविर) दर्शाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस स्थान को कॉलेज का स्थायी परिसर बताया गया है, वहां भवन जर्जर और लगभग खंडहर जैसी स्थिति में है।
बीएड कॉलेज में नियमों के उल्लंघन के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीएड कॉलेज एनसीटीई के निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा। कॉलेज में करीब 200 विद्यार्थियों के प्रवेश होने का दावा किया गया है, लेकिन नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होतीं। आरोप यह भी है कि विद्यार्थियों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली की जाती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।
फायर सेफ्टी नहीं, छात्रों की सुरक्षा पर खतरा
चार मंजिला भवन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन करते हैं, लेकिन आरोप है कि परिसर में फायर सेफ्टी के पर्याप्त उपकरण और अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो किसी भी आपात स्थिति में विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ सकती है।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि संस्थान प्रबंधन ने शासकीय भूमि पर बाउंड्री वॉल का निर्माण कर अतिक्रमण किया है। साथ ही सरकारी गली में टॉयलेट बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह नगर निगम और राजस्व विभाग के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
नोटिस के बाद कार्रवाई का इंतजार
उच्च स्तरीय शिकायत के बाद जांच और नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ता प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
प्रशासन से उठ रहे यह गंभीर सवाल
1) क्या एक ही भवन में दो स्कूल और बीएड कॉलेज का संचालन नियमानुसार किया जा रहा है?
2) बीएड कॉलेज का वास्तविक संचालन किस परिसर से हो रहा है?
3) क्या कॉलेज एनसीटीई और उच्च शिक्षा विभाग के सभी मानकों का पालन कर रहा है?
4) चार मंजिला भवन में फायर एनओसी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं?
5) शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच कर कार्रवाई कब होगी?
जल्द करेंगे कार्रवाई
शिकायत के आधार पर संबंधित स्कूल का निरीक्षण कर अनियमित्ता पाई थी मामले में स्कूल संचालक को नोटिस जारी किया है। जल्द ही आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी। – राहुल जाखड़, कार्यपालन यंत्री और अग्निशमन विभाग अधिकारी – रतलाम ( मध्य प्रदेश)
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


