
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जनजाति विकास मंच, जिला रतलाम (Ratlam) के तत्वावधान में आयोजित जनजाति प्रतिभा सम्मान समारोह में जिले के लगभग 200 मेधावी जनजातीय विद्यार्थियों (students) का सम्मान किया गया। समारोह में अतिथियों ने विद्यार्थियों (students) को सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा शिक्षा को समाज के विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडी सचिव किशोरजी नारगावै ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राणापुर के प्राचार्य विजय ग्रेवाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में आदित्य डोरा (संचालक, शिक्षा रत्न), कैलाश निनामा एवं रूपचंद मईडा शामिल रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजेशजी डाबर थे। समारोह को संबोधित करते हुए आदित्य डोरा, विजय ग्रेवाल एवं राजेश डाबर ने कहा कि जनजातीय समाज के विद्यार्थियों (students) में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उचित मार्गदर्शन, सतत अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को जीवन का लक्ष्य बनाते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों (students) का मनोबल बढ़ाने के साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समाज आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बन सकता है तथा नई पीढ़ी अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है। समारोह के संयोजक मांगीलाल खराड़ी ने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना को प्रोत्साहित करना और उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस अवसर पर राजेंद्र पाटीदार, समरथ पाटीदार, अनिल पोरवाल, दिनेश वसुनिया, गोविंद डामर, प्रकाश भगोड़ा, भेरूलाल डाबर, कैलाश देवड़ा, योगेश जाट, विकास पारगी तथा बसंत कटारा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रतन चरपोटा ने किया, जबकि अंत में आभार संजय निनामा ने माना।
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