


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के कालूखेड़ा पुलिस द्वारा 25 अगस्त 2026 को रानीगांव फंटे पर कार से जब्त की गई करीब ढाई किलो एमडी ड्रग्स के मामले में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है और अब तक तीन आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। पुलिस ने अभी तक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है, लेकिन मामले में मुख्य आरोपी का नाटकीय रूप से खुद सरेंडर करना पुलिस की जांच का टर्निंग पॉइंट बना।
तस्करों से हुई थी लूट की वारदात
खुलासा हुआ कि यह मामला महज 2.5 किलो एमडी ड्रग्स का नहीं, बल्कि करीब 10 किलो की भारी-भरकम खेप का था। यह खेप मध्य प्रदेश से राजस्थान भेजी जा रही थी लेकिन रास्ते में रतलाम-मंदसौर बॉर्डर पर भावगढ़ थाना क्षेत्र के बेहपुर के पास स्थानीय बदमाशों व छोटे तस्करों ने मुख्य पेडलर से पूरी खेप लूट ली। जब मुख्य सिंडिकेट के सरगनाओं ने लूटा हुआ माल वापस पाने के लिए जाल बिछाया और आरोपियों को माल सहित पकड़कर ले जा रहे थे, तभी कालूखेड़ा पुलिस ने दबिश देकर ढाई किलो एमडी बरामद कर ली।
सरगना के खौफ से लखन ने किया था सरेंडर
घटना वाली रात पुलिस ने दो कारों को रोकने का प्रयास किया था। पायलेटिंग कर रही कार भाग निकली, जबकि दूसरी कार से पुलिस ने 2 किलो 495 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की थी, हालांकि अंधेरे में आरोपी भाग निकले थे। सितंबर के पहले सप्ताह में भाकरखेड़ी निवासी आरोपी लखन बामनिया ने ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। इसके बाद परतें खुलीं। लखन ने खुलासा किया कि बिलंदपुर निवासी घनश्याम चौहान (25) ने उसे बड़ी खेप गुजरने की टिप दी थी। इस पर लखन और उसके साथियों ने पेडलर से पूरी खेप लूटकर आपस में बांट ली। जब मुख्य सिंडिकेट लखन के पीछे पड़ा तो उसने जान के खतरे और माल पकड़े जाने के डर से खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
अन्य तस्करों और कार मालिक की तलाश
लखन की निशानदेही पर पुलिस ने धंधोड़ा निवासी कल्पेश जोशी को दबोचा। कल्पेश ने कबूल किया कि उसके हिस्से का माल मुख्य तस्कर वापस छीन ले गए, जबकि कुछ हिस्सा अन्य साथियों के पास है। इसके बाद बिलंदपुर से घनश्याम चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के बयानों के आधार पर राजस्थान के गंधेर निवासी हरीश और कार मालिक शारदा आंजना सहित अन्य को नामजद किया है। पुलिस की रडार पर अब सिंथेटिक ड्रग बनाने वाला ठिकाना भी है।
अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को करेंगे खत्म
पकड़े गए आरोपी लखन, कल्पेश और घनश्याम से प्रारंभिक पूछताछ में ड्रग्स की छीनाझपटी और शेष माल लेकर अन्य तस्करों के भागने की बात सामने आई है। यह केवल मनगढ़ंत कहानी है या हकीकत, यह जांच पूरी होने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पुख्ता होगा। एसआईटी नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा। – विवेक कुमार लाल, एएसपी (रतलाम ग्रामीण)
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