

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) के समीप ग्राम सागोद निवासी एक युवक ने अपने साथ काम करने वाले तीन लोगों पर शराब पिलाने के बाद उसके साथ कुकर्म, बर्बरता और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कालु उर्फ महेन्द्रसिंह, युवराजसिंह और बग्गा उर्फ किशन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। हालांकि, पीड़ित और उसके परिजनों का कहना है कि मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से वे परेशान हैं। मंगलवार को पीड़ित के परिजन एसपी से मिलकर मामले में कार्रवाई की मांग करेंगे।
फुल मंडी और जुलवानिया में किया था सेंटिग का काम
पीड़ित के अनुसार वह मजदूरी करता है और मकान की सेंटिग का ठेका लेने वाले कालु उर्फ महेन्द्रसिंह के साथ काम करता है। उसके साथ युवराजसिंह और बग्गा उर्फ किशन पारगी भी काम करते हैं। शिकायत के मुताबिक 6 सितंबर 2026 को चारों फुल मंडी, रतलाम में सेंटिग का काम करने आए थे। यहां काम करने के बाद चारों ने ग्राम जुलवानिया में भी सेंटिग का काम किया और शाम को ग्राम सागोद लौटे।
शराब पीने के बाद घर जाने से रोकने का आरोप
शिकायत के मुताबिक सागोद पहुंचने के बाद चारों कालु उर्फ महेन्द्रसिंह की टापरी पर गए। इसी दौरान युवराजसिंह शराब लेकर आया। चारों ने साथ बैठकर शराब पी। शराब पीने के बाद जब पीड़ित अपने घर जाने लगा तो आरोप है कि कालु उर्फ महेन्द्रसिंह, युवराजसिंह और बग्गा उर्फ किशन ने उसे घर जाने से रोक दिया।
बारी-बारी से गलत काम करने का लगाया आरोप
पीड़ित ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि कालु उर्फ महेन्द्रसिंह ने उसके हाथ पकड़ लिए और युवराजसिंह ने उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। इसके बाद बग्गा उर्फ किशन और कालु उर्फ महेन्द्रसिंह द्वारा भी उसके साथ कथित रूप से गलत काम किए जाने का आरोप लगाया गया है।
चोट लगने और खून निकलने की भी शिकायत
पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसके साथ और ज्यादती की गई, जिससे उसे गंभीर चोट आई और खून निकलने लगा। उसके चिल्लाने पर तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की और गाली-गलौज की। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने घटना किसी को बताने पर जान से खत्म करने की धमकी भी दी।
जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप
पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि कालु उर्फ महेन्द्रसिंह, युवराजसिंह और बग्गा उर्फ किशन पारगी उसकी जाति से अच्छी तरह परिचित हैं। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे अपमानित किया। इसी आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराएं भी लगाई हैं।
जिला अस्पताल में पीड़ित भर्ती
घटना के बाद पीड़ित को काफी दर्द होने पर उसने अपने भतीजे और भाई को घटना की जानकारी दी। इसके बाद भतीजा उसे सरकारी अस्पताल रतलाम लेकर गया, जहां उसका उपचार कराया गया। पीड़ित ने बाद में पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित और परिजन परेशान
पीड़ित और उसके परिजनों का कहना है कि गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिवार परेशान है। परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को एसपी से मिलेंगे परिजन
परिजनों के अनुसार वे मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करेंगे। परिजन एसपी से मामले में जल्द कार्रवाई करने और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग करेंगे।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
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