


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। परिस्थितियां कितनी भी विपरीत हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसला मजबूत हो तो सफलता हासिल की जा सकती है। रतलाम (Ratlam) की सिमरन अब्बासी ने अपने संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प से इसे सच साबित कर दिखाया है। सीमित आर्थिक परिस्थितियों के बीच बेकरी में काम करने वाले पिता की बेटी सिमरन ने तमाम मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए NEET-26 में सफलता हासिल कर MBBS में प्रवेश प्राप्त किया है।
पिता की मेहनत को बनाया अपने सपने की ताकत
सिमरन के पिता लंबे समय से बेकरी में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनकी सबसे बड़ी इच्छा थी कि बेटी पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। पिता के इसी सपने को सिमरन ने अपना लक्ष्य बना लिया और डॉक्टर बनने की तैयारी में जुट गई।
परीक्षा रद्द हुई तो टूटने के बजाय बढ़ाया हौसला
डॉक्टर बनने की राह में सिमरन को शुरुआत से ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से सिमरन और उसके परिवार को बड़ा मानसिक झटका लगा। लंबे समय की मेहनत और तैयारी के बाद एक बार फिर परीक्षा की तैयारी करना उसके लिए आसान नहीं था, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
भाई का एक्सीडेंट, परिवार पहुंचा अहमदाबाद
दोबारा NEET की तैयारी के दौरान सिमरन के बड़े भाई का एक्सीडेंट हो गया। भाई के उपचार के लिए परिवार को अहमदाबाद जाना पड़ा। एक ओर भाई की सेहत को लेकर चिंता थी, वहीं दूसरी ओर सिमरन के सामने अपने करियर की महत्वपूर्ण परीक्षा थी। इस कठिन दौर में भी सिमरन ने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य को नहीं छोड़ा। पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक तनाव के बीच उसने तैयारी जारी रखी और अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती रही।
अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने दिया निरंतर मार्गदर्शन
सिमरन की तैयारी में अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट (Abhyas Career Institute) की टीम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कठिन पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए टीम ने लगातार मार्गदर्शन, टेस्ट पेपर, अभ्यास सामग्री और तैयारी की रणनीति उपलब्ध कराई। सिमरन ने भी इस सहयोग का पूरा लाभ उठाते हुए नियमित अध्ययन और अभ्यास जारी रखा। आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई और उसने NEET-26 में सफलता हासिल कर MBBS की सीट प्राप्त कर ली।
बेटी की सफलता से पिता का सपना हुआ साकार
NEET में सफलता के बाद सिमरन का MBBS में प्रवेश अंतिम रूप से हो चुका है। अब वह अमलताश मेडिकल कॉलेज, देवास में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करेगी। सिमरन की सफलता उसके पिता के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि बेकरी में मेहनत कर परिवार चलाने वाले पिता ने बेटी को डॉक्टर बनाने का जो सपना देखा था, वह अब हकीकत में बदल गया है।
अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने किया सिमरन और परिवार का सम्मान
सिमरन की उल्लेखनीय सफलता पर अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट (Abhyas Career Institute) की टीम की ओर से सिमरन और उसके परिवार का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर सैयद शौकत अली फ्यूचर फाउंडेशन के फाउंडर एवं समाजसेवी सैय्यद मुख्तियार अली (सैय्यद ग्रुप) ने सिमरन और उसके परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बीच सिमरन ने जिस दृढ़ता के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया है, वह अन्य विद्यार्थियों और विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने सिमरन के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
संघर्ष ने बनाया सफलता की मिसाल
सिमरन की कहानी केवल NEET में सफलता की कहानी नहीं, बल्कि पिता की मेहनत, बेटी के संकल्प और परिवार व मार्गदर्शकों के सहयोग की प्रेरक कहानी है। परीक्षा रद्द होने का झटका हो या भाई के एक्सीडेंट के बाद परिवार पर आया संकट, सिमरन ने हर चुनौती का सामना करते हुए अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
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