


– 2047 का भारत आर्थिक के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से भी विकसित होगा
इंदौर, वंदेमातरम् न्यूज। भारत विविधताओं से भरा देश है और यहां जेन-जी की प्राथमिकताएं भी एकरूप नहीं हैं। देश के अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों के युवाओं की सोच और अपेक्षाएं अलग-अलग हैं। ऐसे समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सोशल मीडिया और बदलती युवा पीढ़ी ने पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पत्रकारिता के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब विश्वसनीयता और सामग्री की प्रामाणिकता बनाए रखना है। यह बात एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने कही।
एमएसएमई मंत्री काश्यप इंदौर में स्टेट प्रेस क्लब मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का ऐसा महोत्सव इंदौर की भूमि पर ही संभव है। इंदौर और उज्जैन महोत्सवों की नगरी हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र माथुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के स्वरूप में लगातार बदलाव आया है। पहले अखबारों में जिलों को पर्याप्त स्थान नहीं मिलता था, लेकिन अब समाचार पत्रों में जिलों के लिए अलग पेज दिए जाते हैं। सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के सामने नई चुनौती रखी और अब एआई ने इस चुनौती का स्वरूप और व्यापक कर दिया है।
विश्वसनीयता का संकट पत्रकारिता के लिए बड़ी चुनौती
काश्यप ने कहा कि आज देश में विश्वसनीयता का संकट दिखाई दे रहा है। पहले लोग नेताओं पर भरोसा करते थे, लेकिन अब विश्वास का स्तर कम हुआ है। इसी तरह पत्रकारिता में प्रकाशित या प्रसारित सामग्री की प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल उठते हैं। पत्रकारों के सामने केवल सूचना उपलब्ध कराने की चुनौती नहीं है, बल्कि सूचना के बीच सही नेरेटिव तैयार करने और तथ्यपरक दृष्टिकोण बनाए रखने की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जेन-जी को एक समान नजरिए से नहीं देखा जा सकता। मुंबई, दिल्ली, इंदौर, उत्तर प्रदेश सहित देश के अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं की प्राथमिकताएं अलग हैं। यह उम्र सपनों को साकार करने और नए अवसर तलाशने की है। पत्रकारिता को इस पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करना होगा।
युवाओं से संवाद नहीं हुआ तो बढ़ेगी दिशाहीनता
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि पत्रकारिता के बदलते आयामों में युवाओं को जोड़ना जरूरी है। यदि इस वर्ग से संवाद स्थापित नहीं हुआ तो युवा पीढ़ी दिशाहीन हो सकती है। उन्हें देश की परिस्थितियों, आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों की सही जानकारी देना आवश्यक है।उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं की भूमिका और सरकारों के गठन में उनकी सक्रियता देखने को मिली, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां भी सभी के सामने हैं। इसलिए युवाओं को सही जानकारी और दिशा देना बेहद जरूरी है।
युवाओं के स्टार्टअप आइडिया को सरकार दे रही प्रोत्साहन
काश्यप ने बताया कि भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश में वर्तमान में करीब 7,500 स्टार्टअप पंजीकृत हैं। सरकार ने नए स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता देना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि कई बार परिवार और समाज नई सोच या नए प्रयोग को अपेक्षित समर्थन नहीं देते। ऐसे में सरकार आर्थिक सहयोग इसलिए दे रही है, ताकि युवा उपेक्षा का शिकार न हों और अपने विचारों एवं नवाचार को वास्तविक रूप दे सकें।
2047 का भारत सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी विकसित हो
मंत्री काश्यप ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को केवल आर्थिक रूप से विकसित राष्ट्र बनाना पर्याप्त नहीं होगा। भारत को सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी विकसित होना होगा। आने वाला भारत अवसरों से भरपूर होगा और युवाओं की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में राजनीतिक दलों के सामने भी युवाओं के बीच पहुंच बनाने की चुनौती है। ऐसे में पत्रकारिता की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पत्रकारिता समाज और नई पीढ़ी के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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