– चौथे दिन विधायक डोडियार और सभी को मिली जमानत, आगे की रणनीति होगी तय
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। भारत आदिवासी पार्टी से सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार को चौथे दिन शनिवार को जमानत मिल गई है। तीन दिनों से जेल में बंद विधायक के समर्थक जेल भरो आंदोलन, मौन धरने और सोशल मीडिया पर धोलावाड़ से पेयजल रोकने की भी चेतावनी वायरल कर चुके थे। नतीजतन शनिवार को रतलाम एसडीएम कोर्ट ने विधायक डोडियार को समर्थकों के साथ जमानत के आदेश कर दिए हैं।

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के साथ 11 दिसंबर को भूरालाल (25) पिता हुमजी देवदा निवासी वासी सुंदेल सुंदेल (रावटी), दीपक (25) पिता हीरालाल निनामा निवासी विनोबा नगर, दिनेश (25) पिता रामाजी माल निवासी रामपुरिया, दिलीपसिंह (28) पिता लखनलाल तड़वी निवासी रेहटी (सिहोर), छोटू (18) पिता राधू गरवाल निवासी भीलड़ी (रावटी), सिद्धार्थ (50) पिता स्व. आरएन गुप्ता निवासी भोपाल, ध्यानवीर (41) पिता दर्शनसिंह डामोर निवासी जाम्बूखादन, दिनेश (19) पिता कानजी निवासी बड़ी सरवन, पप्पू (28) पिता कमजी डामोर निवासी अडवानिया, मांगीलाल (45) पिता नेमजी राणा निवासी पांडिचरी, जितेंद्र (28) पिता कोजाराम राणा व गौतमपुरी (34) पिता प्रकाशपुरी दोनों निवासी करण (20) पिता धरमसिंह कर्मा निवासी सिंगापुरा (सीहोर) को बंजली क्षेत्र में अनुमति बगैर प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जिला जेल रतलाम भेजा था। सभी को विधायक डोडियार के साथ जमानत मिल मिल गई है।
गिरफ्तारी का यह था प्रमुख कारण
5 दिसंबर को जिला अस्पताल में विधायक डोडियार जिला अस्पताल पंहुचे थे। यहां उनका डॉ. सीपीएस राठौर के साथ विवाद हो गया था। वीडियो भी सामने आया था। डॉक्टर ने विधायक को अपशब्द कहे तो विधायक की भी डॉक्टर से तू-तू, मैं-मैं हो गई थी। इसके अगले दिन विधायक की रिपोर्ट पर डॉक्टर के खिलाफ स्टेशन रोड थाना में धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था। डॉक्टरों ने भी विधायक के बर्ताव को लेकर थाने में शिकायत की थी। डॉक्टर के सस्पेंड नहीं होने के विरोध में 11 दिसम्बर को बिना अनुमति के विधायक व उनके समर्थक शहर में नेहरु स्टेडियम में आंदोलन करने वाले थे। यहां जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में भीड़ नहीं आ सके इसलिए बैरिकेडिंग की थी और विधायक को गिरफ्तार भी कर लिया था।
विधायक के साथ 13 समर्थक हुए थे गिरफ्तार
11 दिसम्बर को सुबह ही विधायक अपने समर्थकों के साथ बंजली हवाई पट्टी पहुंचे थे जहां से पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार कर सर्किल जेल भेज दिया था। जानकारी समर्थकों को लगने पर आदिवासी बंजली हवाई पट्टी के पास पहुंचे थे और धीरे-धीरे रिहाई की मांग को लेकर 4.30 बजे रतलाम-सैलाना रोड के बीच आए थे। पुलिस की सख्ती के सामने सभी रतलाम-बांसवाड़ा मुख्य रोड पर बैठ गए थे और करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन चला था। तीन दिन में डॉक्टर के निलंबन नहीं होने और विधायक की जमानत नहीं होने पर कलेक्ट्रेट व एसपी आफिस के घेराव की चेतनावनी दी थी।
चेतावनी के बाद प्रशासन आया हरकत में
11 दिसंबर की शाम को विधायक को रिहा करने एवं चिकित्सक को तीन दिन में निलंबित करने के आश्वासन पर आंदोलन को समाप्त किया गया था। गुरूवार सुबह अधिवक्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो शहर एसडीएम अनिल भाना के हाई कोर्ट इंदौर में जाने की जानकारी मिली थी जिस कारण विधायक को जमानत नही मिल सकी थी। शुक्रवार को भी यही क्रम चला। शुक्रवार देर रात तक कलेक्ट्रेट में डटे विधायक के समर्थकों ने शनिवार को जमानत नहीं मिलने पर जेल भरो आंदोलन करने और मौन धरना देने की चेतावनी दी थी।