
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के बाजना थाना पुलिस (Police) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दो दिन पूर्व थाने के सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी पर फरियादी बापू खराड़ी से बर्बरता पूर्वक मारपीट कर दबंगई दिखाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि इसके पुराने कारनामे फिर प्रकाश में आ चुके हैं। एक पुराने मामले में डीजीपी स्तर से जांच के आदेश जारी होने के बावजूद करीब 11 माह बाद भी सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे रतलाम पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो चुके हैं।
शिकायतकर्ता रेश्मा बी, निवासी हमीरगंज (बाजना), का आरोप है कि उसके बेटे के खिलाफ वर्ष-2025 के अगस्त माह में सब इंस्पेटर केएल सोनार्थी ने कुछ लोगों के प्रभाव और कथित लेन-देन के चलते बिना जांच गंभीर धाराओं में झूठा मामला दर्ज किया था। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली थी तो वह बाजना थाने पहुंची थी, जहां उसे पहले आवेदन लाने के लिए कहा था। आवेदन लेकर दोबारा पहुंचने पर भी उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया था।
पुलिसकर्मी बोलने आया कि टीआई ने बुलाया
महिला का आरोप है कि 17 अगस्त 2025 की शाम करीब छह बजे एक पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचा और कहा कि तत्कालीन बाजना थाना प्रभारी (टीआई) ने बुलाया है। लेकिन थाने पहुंचने पर टीआई मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद सब इंस्पेटर केएल सोनार्थी ने उनसे कहा कि “तू फिर आ गई, तेरी रिपोर्ट नहीं लिखेंगे, आज के बाद थाने मत आना।” महिला का आरोप है कि उसे अपमानित कर थाने से भगा दिया था।
जहां जाना है चले जाओ, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता
शिकायतकर्ता रेश्मा बी का आरोप है कि जब उसने मामले की शिकायत रतलाम एसपी से करने की बात कही थी तो सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी ने कहा था कि “जहां जाना है चले जाओ, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।” महिला ने इसे पुलिस की मनमानी और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है।
उपसरपंच के दबाव में कार्रवाई का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि उनके बेटे के खिलाफ कार्रवाई उपसरपंच के कहने पर की गई थी। महिला का दावा है कि 15 अगस्त 2025 को एक अन्य मामले में पंचायत की कार्रवाई के दौरान उसका बेटा केवल सड़क पर खड़ा होकर घटनाक्रम देख रहा था, लेकिन वास्तविक आरोपियों को बचाने के लिए उसे झूठे मामले में फंसाया गया।
मारपीट की शिकायत भी नहीं हुई दर्ज
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 17 अगस्त 2025 को रोनक लूणावत उसके घर आया था, गाली-गलौज की और उसका हाथ मरोड़ दिया था। इसके बाद जब वह इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने बाजना थाने पहुंची तो पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बजाय उसे थाने से भगा दिया था।
11 माह बाद भी डीजीपी के आदेश हवा
रेश्मा बी का कहना है कि उसने पूरे मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित वरिष्ठ अधिकारियों को की थी। शिकायत पर जांच के आदेश भी जारी हुए, लेकिन करीब 11 माह बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई और न ही दोषी सब इंस्पेक्टर केएल सोनार्थी के खिलाफ कार्रवाई की गई। इससे पुलिस विभाग की जवाबदेही और जांच प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े हो चुके हैं।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


