
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश की रतलाम सर्किल जेल (Ratlam Circle Jail) में एक युवक के साथ यौन शोषण और जावरा उपजेल में बंदी द्वारा महिला को मोबाइल से धमकाने की घटनाओं ने जेल के अंदर अपराधियों से सांठगांठ की कहानी को उजागर कर दिया है। महिला को डराने और धमकाने की घटना के बाद बदनामी को छिपाने के लिए जांच भी ठंडे बस्ते में पटक दी गई। लेकिन रतलाम सर्किल जेल (Ratlam Circle Jail) में बंद युवक के साथ हुए कथित यौन शोषण मामले में जावरा की अपर जिला सत्र न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश) ने सख्त रुख अपनाया है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और रतलाम में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष हुए पीड़ित के बयान के आधार पर कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। इसमें कहा कि ऐसा कृत्य करने वाले आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। वहीं ये भी कहा है कि यदि इस मामले में जेल प्रबंधन से संबंधित जिम्मेदार अधिकारी – कर्मचारी ने लापरवाही – बरती और पीड़ित की शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की है तो ऐसे अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई तय करें।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जांच, जिम्मेदारों ने किया नजर अंदाज
कोर्ट में पीड़ित युवक ने सीजेएम के सामने दिए बयान में स्पष्ट कहा था कि उसके साथ 27 अप्रैल 2026 की रात में बैरक में ही बंद एक अन्य आरोपी तैयब ने मारपीट की। फिर डराने-धमकाने के साथ ही अप्राकृतिक कृत्य (यौन शोषण) किया। मैंने जेल प्रबंधन को बताया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पिता मिलने आए तो उनके सामने पूरी परेशानी बयां की। पिता ने एडवोकेट भटनागर (जावरा) से मिलकर पूरा घटनाक्रम बताया। घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए एडवोकेट भटनागर खुद 8 मई 2026 को पीड़ित युवक से मिलने रतलाम सर्किल जेल (Ratlam Circle Jail) पहुंचे। जब उनके समक्ष भी पीड़ित युवक ने जेल में यौन शोषण की बात कही तो उन्होंने भी जेल प्रबंधन को बताया। उनकी भी बात नहीं सुनी गई तो आखिर उन्होंने उसी दिन एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पूरा मामला रखा और कार्रवाई का निवेदन किया। न्यायालय के आदेश पर ही रतलाम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने परीक्षण किया। वहीं सीजेएम के समक्ष पीड़ित के बयान दर्ज किए गए हैं। ये बयान व संबंधित दस्तावेज 15 मई 2026 को जावरा कोर्ट पहुंचे। इसके बाद न्यायालय ने मामले में पत्र एसपी को भेजते हुए एफआईआर और जेल प्रबंधन की लापरवाही की जांच करके उसमें भी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एसपी अमित कुमार का कहना है कि अभी मुझे पत्र नहीं मिला। पत्र मिलते ही यौन शोषण के मामले में आरोपी पर थाने में केस दर्ज करवाया जाएगा। साथ ही जांच कर मामले में लापरवाही बरतने वाले जेल के अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

जेल अधीक्षक भदौरिया ने किया मीडिया को गुमराह
घटना के बाद से ही रतलाम सर्किल जेल (Ratlam Circle Jail) अधीक्षक लक्ष्मणसिंह भदौरिया जवाब देने की जिम्मेदारी से बचने के साथ समय समय पर सवालों से बचने के लिए गुमराह भी करते रहे। पीड़ित की माने तो जेल अधीक्षक लक्ष्मणसिंह भदौरिया ने उसके कहने पर भी सुनवाई नहीं की। पिता का आरोप है कि मैंने भी जेल प्रबंधन से कहा तो क्या उन तक सूचना नहीं पहुंची। वकील ने खुद इस बारे में जानकारी दी लेकिन आखिर सुनवाई नहीं हुई तो पिता को वकील के जरिए कोर्ट जाना पड़ा। कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए तब भी जेल अधीक्षक भदौरिया जिम्मेदारी से बचते रहे और गोल-मोल जवाब देते रहे। अब जब कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए यौन शोषण करने वाले पर केस दर्ज व जेल के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई तय करने की बात कही है। इधर दो दिन पूर्व ग्राम आडवाणिया की महिला द्वारा भी जावरा उपजेल में बंद राहुल जाट ने उसके सैलाना निवासी दोस्त के माध्यम से कॉन्फ्रेंस कॉल पर जमीन में गाड़ने की शिकायत की थी, लेकिन जेल अधीक्षक लक्ष्मणसिंह भदौरिया ने इस मामले में भी गोलमाल जवाब देकर सवालों से बचने की कोशिश की गई।
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