
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिला अस्पताल के पूर्व लेखापाल पुरुषोत्तम बुचके (55) निवासी शिव नगर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। लोकायुक्त के विवचनकर्ता अधिकारी राजेंद्र वर्मा कि ओर से पेश रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायाधीश संजीव कटारे ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बुचके को दोषी ठहराया। Ratlam न्यायालय ने बुचके को 4 साल के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
Ratlam प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि 19 अक्टूबर 2019 को पारूल रानी नेल्सन स्टाफ नर्स बाल चिकित्सालय ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में शिकायत दी थी। उन्होंने अपने जीपीएफ खाते से 1 लाख रुपए के पार्ट-फाइनल आहरण के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोपी पुरुषोत्तम बुचके (अकाउंटेंट) ने आवेदिका से कहा कि जीपीएफ खाते से पार्ट-फाइनल आहरण के लिए जितनी राशि निकलेगी, उसका 10 प्रतिशत देना होगा, तभी आहरण हो सकेगा। पैसे की आवश्यकता होने पर आवेदिका ने इस शर्त पर सहमति दी कि राशि निकलने के बाद रिश्वत दी जाएगी। 18 अक्टूबर 2019 को आवेदिका के बैंक खाते में पार्ट-फाइनल की राशि 85 हजार रुपए जमा हो गई थी। इसके बाद पुरुषोत्तम बुचके ने आवेदिका से 8 हजार 500 रुपए रिश्वत की मांग की। लोकायुक्त में शिकायत मिलने पर डीएसपी वेदांत शर्मा ने रिश्वत की मांग की पुष्टि के लिए रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर आवेदिका को दिया। आरोपी पुरुषोत्तम बुचके और आवेदिका पारूल रानी नेल्सन के बीच हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग कराई गई। इसमें आरोपी से रिश्वत की राशि कुछ कम करने का निवेदन किया गया, जिस पर बुचके 8 हजार रुपए लेने पर सहमत हो गया।
रिश्वतखोर ने राशि रखी थी शर्ट की जेब में
20 अक्टूबर 2019 को Ratlam बाल चिकित्सालय कार्यालय में आवेदिका पारूल से 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त डीएसपी वेदांत शर्मा ने आरोपी पुरुषोत्तम ट्रैप किया। बुचके ने रिश्वत की राशि अपनी पहनी हुई शर्ट की बाईं जेब में रख ली। पंच कमर अली ने आरोपी की शर्ट की बाई जेब से रिश्वत के रुपए निकाले। गिनती करने पर 2 हजार रुपए के 3 नोट और 500 रुपए के 4 नोट कुल 8 हजार रुपए पाए गए। इन नोटों के नंबरों का मिलान करने पर ये वही नोट पाए गए, जिन पर लोकायुक्त कार्यालय में फिनॉल्फ्थलीन पाउडर लगाया गया था। आरोपी की शर्ट की बाईं जेब को रूई के फाहे से पोंछकर सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाया गया, जिससे घोल का रंग गुलाबी हो गया था।
एक वर्ष पहले हुआ था चालान पेश
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन ने 22 मार्च 2024 को Ratlam विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अधि.) में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। विचारण के बाद विशेष न्यायालय ने आरोपी बुचके को दोषसिद्ध किया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने की।
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