
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। श्रमण संघीय जैन दिवाकरीय आयंबिल तप आराधिका, तप चक्रेश्वरी महासती अरुणप्रभाश्री जी म.सा. अपने ठाणा सहित 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को रतलाम (Ratlam) नगर में मंगल प्रवेश करेंगी। उनके साथ शतावधानी गुरुकीर्ति म.सा., बाल साध्वी गुरूनिधि म.सा., तपज्योति अरुणकीर्ति जी म.सा. आदि ठाणा 4 भी पधार रहे हैं।

महासती जी नागपुर में ऐतिहासिक चातुर्मास सम्पन्न कर रतलाम आ रही हैं। वर्ष 2022 में रतलाम नगर में सम्पन्न उनका ऐतिहासिक चातुर्मास आज भी श्रद्धालुओं के मस्तिष्क पटल पर अंकित है। इसी क्रम में रविवार को वे बाजनखेड़ा से विहार कर रतलाम स्थित नीमचौक स्थानक पहुंचेंगी। मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने बताया कि यह अवसर अत्यंत अद्भुत और ऐतिहासिक रहेगा, क्योंकि नीमचौक स्थानक में दृढ़ संयमी मालवकीर्ति कीर्तिसुधा म.सा. आदि ठाणा 04 विराजमान हैं। उनके प्रवचन प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक हो रहे हैं। ऐसे में दो महान सतियों का मिलन और समागम श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहेगा। श्रीसंघ ने समस्त श्रावक-श्राविकाओं, युवाओं एवं बच्चों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर अगवानी करने का आव्हान किया है। महासती जी की अगवानी नगर निगम चौराहे पर की जाएगी। विशेष बात यह है कि महासती अरुणप्रभाश्री जी म.सा. के सोमवार को लगातार 472 आयंबिल पूर्ण होने जा रहे हैं, जिसे लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह है।
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