रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम शहर के प्रताप नगर ओव्हर ब्रिज पर शुक्रवार शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसे में पिता सहित करीब 6 साल की मासूम बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि पिता व बेटी के सिर तक कुचल गए। घटना के बाद एक घंटे तक शव को उठाने एम्बुलेंस नहीं आने पर स्थानीय लोगों का आक्रोश रहा। जिम्मेदार अधिकारी भी जवाब देने से बचते रहे। यहां तक एएसपी सुनील पाटीदार ने स्थानीय पार्षद परमानंद योगी से फोरलेन पर वालेंटियर रखने का बोल दिया।

जानकारी के अनुसार मंगलम सिटी निवासी ओमवीर पिता निरंजन प्रजापति उम्र 35 वर्ष 6 साल की मासूम बेटी युक्ति (लक्ष्मी) को एक्सीस स्कूटी पर सवार हो कर प्रतापनगर ब्रिज से डाकविभाग में पदस्थ पत्नी सोनल प्रजापति को लेने जा रहे थे। तभी ब्रिज पर पीछे से आ रहे ट्रक क्रमांक MP-43 H-0729 ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि ट्रक दोनों को कुचलता हुआ आगे निकल गए। कुछ दूरी पर जाकर रुक पाया। स्कुटी भी पूरी तरह से ट्रक में फंस गई। टक्कर के बाद दोनों के सिर पर ट्रक के पहिये चढ़ जाने से शरीर क्षत विक्षत हो गया। जिससे काफी देर तक पहचान नहीं हो पाई। बीच सड़क पर हुए दर्दनाक हादसे को देखकर मौके पर हर कोई सहम गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर स्टेशन रोड़ थाना प्रभारी किशोर पाटनवाला व जवान पहुंचे। इसके बाद शहर एसडीएम संजीव केशव पांडे, सीएसपी हेमन्त चौहान व बाद में एएसपी सुनील पाटीदार भी पहुंचे।
एएसपी पार्षद से बोले व्यवस्था कराओ
हादसे की सूचना मिलने के बाद भी एक घंटे तक एम्बुलेंस के नहीं आने से वार्ड पार्षद परमानन्द योगी व क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्रवासियों ने पुलिस पर सवालों की बौछार कर दी। क्षेत्रवासियों का कहना था की इतने गम्भीर हादसे होने के बाद भी प्रशासन का ध्यान इस ब्रिज पर नहीं है। पूर्व में भी कई घटनाएं हो चुकी है। ट्रैफिक पुलिस पर भी गम्भीर आरोप लगाए गए। एएसपी सुनील पाटीदार ने पार्षद परमानंद योगी से ही कह दिया आप बताए क्या व्यवस्था कर सकते है। एएसपी ने पार्षद को ही बोल दिया कि आप वालेंटियर्स नियुक्त कर दीजिए, हम ट्रैफिक के जवान नियुक्त कर देते है। इससे लोगों में और आक्रोश पैदा हो गया। काफी बहसबाजी भी हुई। यहां तक घटना के काफी देर बाद मौके पर ट्रैफिक डीएसपी अनिल राय पंहुचे।
पूर्व में हो चुके हादसे
गौरतलब है कि कई बड़े हादसों के बाद भी प्रताप नगर ओव्हर ब्रिज पर जिम्मदारों की नींद खुलने का नाम नहीं ले रही है। इसी ब्रिज पर कुछ वर्ष पहले भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा की पुत्री का भी हादसे में निधन हुआ था। इसके अलावा ब्रिज बनने के बाद से 6 से 7 हादसे हो चुके हैं। मगर फिर भी ब्रिज के ऊपर से गुजर रहे वाहनों के लिए व्यवस्थित यातायात का कोई विकल्प प्रशासन के पास नहीं है। एक घन्टे तक एम्बुलेंस नहीं आने पर मौके पर मौजूद शहर एसडीएम संजीव केशव पांडेय से बात करना चाही, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं था। बात करने से उन्होनें मना कर दिया।
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