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Monday, April 22, 2024

यह अंदर की बात है ! …डबल रोल में जिले के “श्रीमान”, इनकी बल्लेबाजी के खूब चर्चे, मैडम बोल उठी सीएम की व्यवस्था तो मैं ही कर लूंगी

असीम राज पांडेय, केके शर्मा, जयदीप गुर्जर
रतलाम।
देशभक्ति और जनसेवा का महकमा “आउट ऑफ कंट्रोल क्राइम” से सुर्ख़ियों में है। विभाग के “श्रीमान” भी अपने डबल रोल के किरदार से महकमें को हैरत में डाले हुए हैं। कहानी कुछ ऐसी है कि दीनदयाल थाना अंतर्गत मां सहित दो मासूमों की नृशंस हत्या के दो माह बाद शवों के सुराग पर पोर्च की खुदाई का वीडियो प्रसारित हो गया था। फिर क्या था “श्रीमान” के फरमान पर दीनदयाल थाने में अटैच एक निजी वाहन ड्राइवर की शिनाख्त हुई। “श्रीमान” के समक्ष पेशी के बाद निजी वाहन चालक को बेरोजगार कर दिया गया। महकमें में चर्चा का दौर यह है कि जिन “सज्जन” के पास ड्राइवर ने खुदाई का वीडियो पहुंचाया था, उनसे “श्रीमान” का याराना ज्यादा हो गया। चर्चा इसलिए खास है कि “श्रीमान” ने जिले की कमान संभाली थी तब उन्होंने एक जवान को ईनाम की जगह सजा सुनाई थी। जवान को बतौर निलंबन की सजा इसलिए मिली थी उसने एक परेशान महिला के पूछने पर सिर्फ रास्ता बताया था जो “श्रीमान” के बंगले पर पहुंचता है।


दूधिया रोशनी से पहले “युवा नेता” खेल चुके पारी
दूधिया रोशनी में होने वाला क्रिकेट टूर्नामेंट में खिलाड़ियों से पहले “नए नवेले युवा नेता” पारी खेल चुके हैं। नई नवेली सरकार की एमआईसी में शामिल “युवा नेता” ने नेहरू स्टेडियम को चकाचौन्ध करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। निगम अफसर के फरमान पर प्राइवेट टूर्नामेंट में ऐसी तैयारी हुई जैसे कि नगर निगम की ओर से टूर्नामेंट आयोजित कराया जा रहा हो। सत्ताधारी पार्टी के “नए नवेले युवा नेता” ने टूर्नामेंट से पहले बल्ला थाम मनमाने तौर पर लाखों रुपयों की खरीदी भी कर डाली। नियम विपरित हो रहे टूर्नामेंट और खरीदी को लेकर विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने भी पूरे मामले में बजट की होने वाली परिषद में अफसरों से सवाल पूछने की तैयारी के साथ वित्तीय अनियमित्ता की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा में करने का मन बना लिया है।


“मैडम” बोली सीएम की व्यवस्था मैं ही कर लूंगी
पिछले दिनों नगर में एक संत पधारे। संत को मप्र शासन की तरफ से राजकीय अतिथि का दर्जा मिला था। संत की अगवानी में अधिकारियों के साथ ही सनातनी भी पहुंचे। संत के आगमन से पूर्व सारी व्यवस्था अधिकारियों को जुटानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। संत के आने के पहले एक सफेद टॉवेल की जरूरत पड़ी तो वह भी वहां मौजूद सनातनियों ने व्यवस्था की है। ऐसे में एक पूर्व जनप्रतिनिधि ने तहसील की मैडम से सवाल पूछ ही लिया। वीआईपी के लिए आपकी क्या व्यवस्था है ? ऐसे में अगर सीएम आ जाए तो आप क्या करेंगे? तब वहां मौजूद मैडम तबाक से बोल उठी वह तो व्यवस्था मैं ही कर लूंगी। मैडम के बोलते ही सभी एक दूसरे का चेहरा देखने लगे और मैडम की बुद्धिमत्ता पर मुस्करा दिए। इतना ही नहीं संत को किसी ने देखा नहीं तो अधिकारी गूगल देवता पर उन्हें सर्च करने में जुटे रहे। चूंकि संत के नाम के आगे सद्गुरु था तो सभी एक अन्य सद्गुरु के बारे में कयास लगाने में जुट गए थे।

KK Sharma
KK Sharmahttp://www.vandematramnews.com
वर्ष - 2005 से निरंतर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 17 वर्ष में सहारा समय, अग्निबाण, सिंघम टाइम्स, नवभारत, राज एक्सप्रेस, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार पत्र और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज में संपादक की भूमिका का दायित्व। वर्तमान में रतलाम प्रेस क्लब में कार्यकारिणी सदस्य। Contact : +91-98270 82998 Email : kkant7382@gmail.com
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